इसलिए ऋषभ पंत को माइकल क्लार्क ने सर्वश्रेष्ठ नंबर चार विकल्प करार दिया, लेकिन… – NDTV Sports


पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान और अपने नेतृत्व में साल 2017 मे ऑस्ट्रेलिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले माइकल क्लार्क ने जारी वर्ल्ड कप (World Cup 2019) में टीम इंडिया (Team India) के ऋषभ पंत (Rishabh Pant) को नंबर-4 पर खिलाने के फैसले की जमकर तारीफ की है. ध्यान दिला दें कि विजय शंकर के चोटिल होने के बाद भारत ने पहली बार ऋषभ पंत (Rishabh pant) को इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में जगह दी. और खेले दोनों मैचों में ही ऋषभ पंत ने नंबर चार पर सकारात्मक प्रदर्शन किया है. हालांकि,  अच्छा प्रदर्शन उनके बल्ले से अभी भी आना बाकी है. 

ऋषभ पंत ने इंग्लैंड के किलाफ 29 गेंदों पर 4 चौकों से 32 और फिर इसके बाद बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए अहम मुकाबले में 41 गेंदों पर छह चौकों और 1 छक्के से 48 रन बनाए थे. और ऋषभ के इस प्रदर्शन के बाद एक बात तो साफ हो गई है कि भारतीय मैनेजमेंट अब शेष मैचों में कम से कम नंबर चार पर तो कोई और प्रयोग करने से नहीं जा रहा है. 

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बहरहाल, कंगारू पूर्व कप्तान माइकल क्लॉर्क ने पंत को नंबर चार खिलाने के फैसले की सराहना करते हुए कहा है कि पंत दीर्घकालिक पहलू से भारत के नंबर-4 क्रम की समस्या को सुलझा सकते हैं. एक निजी चैनल से बात करते हुए क्लार्क ने कहा कि ऋषभ पंत नंबर चार पर टीम इंडिया को एक बेहतरीन विकल्प प्रदान करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर पंत खराब खेलते हैं, तो स्ट्राइकरेट सौ का होना जा रहा है. और अगर वह अच्छा खेलते हैं, तो उनका स्ट्राइकरेट 140 या 150 क होगा. मेरा मानना है कि अच्छी पिचों पर यह बात भारतीय टीम की बहुत ज्यादा मदद करेगी. 

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वहीं, माइकल क्लार्क ने यह भी कहा कि दिनेश कार्तिक का नंबर छह पर आना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है क्योंकि हार्दिक पंड्या की तरह ही कार्तिक के पास ठीक पहली ही गेंद से स्ट्रोक खेलने की क्षमता है. बता दें कि पिछले करीब 15 साल के भीतर दिनेश कार्तिक ने बांग्लादेश के खिलाफ वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेला था. बहरहाल, माइकल क्लार्क ने भले ही पंत की तारीफ की है, लेकिन सवाल यहां पंत के लिए भी हैं. 

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दरअसल सवाल पंत के रवैये को लेकर भी रहे हैं. मसलन वह अच्छा खेलते-खेलते अपना विकेट फेंककर चले जाते हैं. कई मौकों पर ऐसा देखा गया. बांग्लादेश के खिलाफ जब सभी पंत की ओर निहार रहे थे, तो वह करीब पांच ओवर पहले ही आउट हो गए. अगर पर जमे रहते, तो भारत का स्कोर 350 के आस-पास होता. निश्चित ही, पंत को इस पर काम करना होगा. 

 





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