Match against Sri Lanka is very important for team India in ICC cricket world cup 2019 Jagran Special


Publish Date:Thu, 04 Jul 2019 08:31 PM (IST)

अभिषेक त्रिपाठी, लीड्स। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबला जीतने के बाद भारतीय टीम ने सेमीफाइनल की सीट पक्की कर ली है और इसके बाद उसके खिलाड़ी आराम फरमा रहे हैं। भारतीय टीम ने गुरुवार को अभ्यास नहीं किया, जबकि श्रीलंकाई टीम ने पसीना बहाया। भारतीय टीम बुधवार को ही लीड्स पहुंच गई थी और उसकी तरफ से पहले बताया गया कि गुरुवार को कोई अभ्यास नहीं होगा। हालांकि, बाद में मीडिया मैनेजर की तरफ से संदेशा आया कि टीम इंडिया लीड्स यूनिवर्सिटी के मैदान में वैकल्पिक अभ्यास करेगी। हेडिंग्ले क्रिकेट मैदान में अफगानिस्तान-वेस्टइंडीज मैच होने के कारण टीम वहां अभ्यास नहीं कर सकती थी। हालांकि, उसके कुछ देर बाद ही फिर बताया गया कि टीम अभ्यास नहीं करेगी।

भारतीय टीम के एक सूत्र ने कहा कि टीम इंडिया के साथ हाल ही में जुड़े मयंक अग्रवाल को अभ्यास कराने के लिए वैकल्पिक अभ्यास रखा गया था, लेकिन फिर सोचा गया कि शुक्रवार को जब सब अभ्यास करेंगे तब उनको भी उसमें शामिल किया जाएगा। हालांकि, इसके इतर श्रीलंकाई टीम ने जमकर अभ्यास किया। सेमीफाइनल से पहले ही बाहर हो चुकी श्रीलंकाई टीम अपना आखिरी मुकाबला जीतकर विश्व कप का अच्छा अंत करना चाहती है।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मैच : अगर आप सोच रहे हैं कि भारतीय टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद श्रीलंका के खिलाफ हेडिंग्ले क्रिकेट मैदान में शनिवार को होने वाले मैच के कोई मायने नहीं हैं तो आप गलत हैं क्योंकि यह मैच टीम के सेमीफाइनल नहीं, बल्कि फाइनल मुकाबले की राह आसान करेगा। भारत के अभी आठ मैचों में 13 अंक हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के इतने ही मैचों में 14 अंक हैं। इनमें से जो भी टीम नंबर वन रहेगी उसे कमजोर न्यूजीलैंड या पाकिस्तान (अगर चमत्कार से सेमीफाइनल में पहुंची) से भिड़ना होगा।

अगर भारत शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ अपने आखिरी लीग मुकाबले में जीत हासिल करता है तो उसके 15 अंकों के साथ नंबर वन के तौर पर सेमीफाइनल में पहुंचने का एक मौका होगा। हालांकि, इसके लिए शनिवार को दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को ऑस्ट्रेलिया को हराना होगा। अंक तालिका में नंबर वन रहने पर भारत की टक्कर संभवत: चौथे नंबर पर रहने वाली न्यूजीलैंड से होगी। पाकिस्तान टीम के पास भी चौथे नंबर की टीम बनकर सेमीफाइनल में पहुंचने का मौका है, लेकिन उसके लिए ऐसा करना लगभग असंभव सा है। उसे शुक्रवार को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में कम से कम पहले बल्लेबाजी करते हुए 350 रन बनाने होंगे और 312 रनों की जीत करनी होगी।

अंतरराष्ट्रीय वनडे में आज तक किसी ने भी दूसरी टीम पर 300 रनों की जीत हासिल नहीं की है। यही नहीं, बांग्लादेश के पहले बल्लेबाजी करते ही पाकिस्तान की संभावनाएं पूरी तरह खत्म हो जाएंगी। भारत अंक तालिका में तभी नंबर वन रहेगा, हालांकि यह तभी होगा जब ऑस्ट्रेलिया अपने आखिरी लीग मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका से हार जाए। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया दूसरे और इंग्लैंड तीसरे नंबर पर रहेगा। इस स्थिति में भारत को विश्व कप की इन दो खतरनाक टीमों से नहीं भिड़ना होगा। मेजबान इंग्लैंड ने आखिरी दो मैच जीतकर बता दिए हैं कि वह घरेलू मैचों में कितने खतरनाक हैं। सुनील गावस्कर ने दैनिक जागरण से कहा था कि जब भी घरेलू टीम कहीं खेलती है तो परिस्थितियों के साथ मैदानकर्मियों का साथ उसे कहीं ना कहीं मिलता है। गावस्कर का उदाहरण बर्मिघम में भारत-इंग्लैंड मैच में देखने को भी मिला था। इंग्लैंड के लिए उस करो या मरो के मैच में खेलने के लिए ऐसी किनारे की पिच दी गई थी जो उसके ताबड़तोड़ बल्लेबाजों के लिए तो मुफीद थी ही साथ उससे एक तरफ की बाउंड्री 59 मीटर छोटी हो गई थी। अंग्रेज बल्लेबाजों ने उसी को निशाना बनाते हुए भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ 13 छक्के मारे थे।

वहीं, अगर पांच बार की विश्व विजेता ऑस्ट्रेलिया की बात करें तो यह टीम विश्व कप में कितनी खतरनाक हो जाती है उसका उदाहरण इस टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन है। विश्व कप से पहले इस टीम को खिताब का दावेदार नहीं माना जा रहा था, लेकिन इंग्लैंड पहुंचते ही उसने कहर बरपाना शुरू कर दिया और अभी तक यह टीम सिर्फ एक मुकाबला हारी है। वह भी भारतीय टीम ने उसे हराया था, लेकिन विराट सेना कम से कम सेमीफाइनल में तो इस टीम से नहीं भिड़ना चाहेगी। भारत और न्यूजीलैंड की भिड़ंत इस विश्व कप में अब तक नहीं हुई है क्योंकि दोनों के बीच नॉटिंघम में होने वाला मुकाबला बारिश के कारण धुल गया था।

ऑस्ट्रेलिया नंबर वन रहा तो : अगर ऑस्ट्रेलिया ने अपने आखिरी लीग मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हरा दिया तो यह टीम 16 अंकों के साथ सीधे नंबर वन हो जाएगी। ऐसी स्थिति में भारत अपना आखिरी मुकाबला जीतने के बावजूद दूसरे नंबर पर रहेगी और उसे बर्मिघम में दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ना होगा। वहीं ऑस्ट्रेलिया की टक्कर चौथे नंबर की टीम से होगी।

कमजोर पहलुओं को दूर करने का समय : दुनिया की नंबर वन भारतीय टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला सेमीफाइनल की दृष्टि से तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही उसे इस मैच के जरिये अपनी कमजोरियों को भी दूर करना होगा। भारत का मध्य क्रम अभी भी चिंता का विषय है। विराट एक बार फिर श्रीलंका के खिलाफ यह चेक कर सकते हैं कि सेमीफाइनल में उन्हें किस टीम के साथ उतरना है। भारतीय टीम ने बांग्लादेश के खिलाफ पिछले मैच में स्पिनर कुलदीप यादव और मध्य क्रम के बल्लेबाज केदार जाधव की जगह दिनेश कार्तिक और तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया था। शुरुआती मैचों में खेलकर चोट के कारण बाहर होने वाले भुवी ने अच्छी वापसी की, जबकि कार्तिक कुछ खास नहीं कर सके। ऐसे में भारतीय टीम श्रीलंका के खिलाफ मैच में एक बार फिर यह जांच सकती है कि तड़कते-भड़कते सूरज के नीचे वह तीन तेज गेंदबाज और एक स्पिनर के विकल्प के साथ उतरेगी या दो तेज गेंदबाज और दो स्पिनर का संयोजन ही उसके लिए ठीक होगा क्योंकि इस मुकाबले के बाद उसे सीधे सेमीफाइनल खेलना होगा, जहां पर कोई दूसरा मौका नहीं मिलेगा।

सेमीफाइनल, तारीख, स्थान, टीमें

पहला, 09 जुलाई, मैनचेस्टर, नंबर-1 बनाम नंबर-4

दूसरा, 11 जुलाई, बर्मिघम, नंबर-2 बनाम नंबर-3

Posted By: Sanjay Savern





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