No regular class in college after performing better result by students


Publish Date:Fri, 05 Jul 2019 09:24 AM (IST)

पश्चिम चंपारण, जेएनएन। कहीं शिक्षक नहीं, तो कहीं बच्चे नहीं। जहां शिक्षक और बच्चे दोनों उपलब्ध हैं, वहां भी नियमित क्लास संचालन का घोर अभाव है। ऐसी हालात उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और डिग्री कॉलेजों में सामने आ रही हैं। जिले के नरकटियागंज स्थित पंडित केदार पांडे मेमोरियल इंटर महाविद्यालय हर वर्ष रिजल्ट देने में अव्वल साबित होता है। यहां 26 शिक्षक और 700 छात्र-छात्राओं के बीच वर्ग संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध है। बावजूद इसके नियमित वर्ग का संचालन नहीं होता।

   शिक्षक पहुंचते हैं, इंतजार करते हैं और जब कभी बच्चे पहुंचे तो उनके वर्ग का संचालन होता है और यदि उनकी अनुपस्थिति रही तो यूं ही कार्य अवधि समाप्त कर वे अपने अपने घरों को लौट जाते हैं। नामांकन और फॉर्म भरने से लेकर रिजल्ट वितरित करने तक महाविद्यालय में चहल-पहल बनी रहती है। वित्त संपोषित इंटर महाविद्यालय की स्थापना 1984 में हुई।

   अनुमंडल मुख्यालय में इस महाविद्यालय की स्थापना के साथ ही प्रतिस्पर्धात्मक माहौल और अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिलने की एक पहल हुई। लेकिन छात्र-छात्राओं की उदासीनता और कोचिंग संस्थानों की कुकुरमुत्ता की तरह आई बाढ़ ने इस महाविद्यालय शैक्षणिक दिशा भी बदल कर रख दी है। यहां शौचालय और पेयजल की सुविधा उपलब्ध है।

   लाइब्रेरी भी है। लेकिन पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बेहद कम होती है। शिक्षकों का भी मानना है कि इन सब के पीछे कोचिंग संस्थानों के लोकलुभावन हथकड़ों की वजह बच्चों की समुचित उपस्थिति नहीं हो पाती। थोड़ी कम उपस्थिति रहती है लेकिन क्लास चलता है।

महाविद्यालय के रास्ते में गंदगी का अंबार

शिक्षा के लिए आकर्षक माहौल और बगीचा से घिरे स्वच्छ वातावरण होने के बावजूद छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति होती है। बीआरसी से लेकर महाविद्यालय तक पहुंचने के रास्ते में गंदगी का अंबार लगा रहता है। यहां स्वच्छता अभियान को बट्टा लग रहा है। छात्र-छात्राएं उसी रास्ते से महाविद्यालय पहुंचते हैं। बावजूद इसके वहां के स्थानीय प्रतिनिधि और व्यवस्था को ध्यान नहीं। पूरा महाविद्यालय उस गंदगी की वजह से प्रत्येक रोज दो चार होता है।

प्राचार्य ने कहा-वर्ग का होता नियमित संचालन

कॉलेज के प्राचार्य अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि नियमित क्लास चलता है। कभी-कभी छात्र-छात्राओं की संख्या कम रहती है। शिक्षक हमेशा मौजूद रहते हैं। छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं महाविद्यालय में उपलब्ध है। हम बेहतर रिजल्ट भी देते हैं।

 

Posted By: Ajit Kumar





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About the Author: Rohit Gupta