team india in world cup: बुमराह की यॉर्कर नहीं उनकी सटीकता बनाती है खतरनाक: मलिंगा – it is not bumrah s yorker it is his consistency which makes him so danger says lasith malinga


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श्री लंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि सटीकता बुमराह को खतरनाक बनाता है न कि यॉर्कर। मलिंगा ने कहा कि भारतीय तेज गेंदबाज की सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें अपनी काबिलियत पर भरोसा है, जिससे उन्हें बड़े टूर्नमेंट में अच्छा करने का दबाव नहीं होता।

मलिंगा ने कहा, ‘दबाव क्या है? दबाव का मतलब है कि आपके पास योग्यता नहीं है। अगर आपके पास योग्यता है तो आप दबाव में नहीं होंगे। यह योग्यता और सटीकता की बात है और अगर आप सटीक हैं, आप जानते हैं कि आप क्या कर सकते हैं तो कोई परेशानी नहीं है। वह बेहतरीन योग्यता वाले गेंदबाज हैं और जानते हैं कि वह एक ही गेंद को लगातार कर सकते हैं।’

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इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में बुमराह के साथ खेलने वाले मलिंगा ने कहा, ‘बात यह है कि हर कोई यॉर्कर फेंक सकता है, धीमी गेंदें फेंक सकता है, लैंथ गेंदें भी फेंक सकता है, लेकिन सटीकता लाना लक्ष्य होता है। आप कितनी बार एक ही जगह गेंद डाल सकते हो? इसके बाद खेल का विश्लेषण करने की बात आती है। स्थिति को संभालना काफी जरूरी है और इसके बाद रणनीति को लागू करना।’

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मलिंगा ने कहा, ‘मैंने उन्हें 2013 में देखा था और उनके साथ समय बिताया था। वह सीखने के भूखे हैं और काफी जल्दी सीखते हैं। सीखने की भूख होना जरूरी है। बुमराह ने काफी कम समय में काफी कुछ सीखा है।’

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मलिंगा का मानना है कि भारत की मौजूदा टीम 2011 का इतिहास दोहरा सकती है। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह टीम वो कर सकती है क्योंकि इसमें काबिलियत है। इस टीम के पास अनुभवी खिलाड़ी हैं। और आप जानते ही हैं कि रोहित कितनी शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। विराट कोहली की बड़ी पारी आना अभी बाकी है। वह इस विश्व कप का अपना पहला शतक सेमीफाइनल या फाइनल में बना सकते हैं। भारत के पास मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं।’

मलिंगा को लगता है कि धोनी को खेलना जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने एक या दो साल और खेलना जारी रखना चाहिए और ऐसे खिलाड़ी तैयार करने चाहिए जो फिनिशर्स हों। वह अभी भी विश्व क्रिकेट में सर्वश्रेष्ठ फिनिशर हैं। उनकी जगह भरना मुश्किल होगा। युवा खिलाड़ियों को उनसे सीखना चाहिए।’





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About the Author: Vivek Jaiswal