World Cup 2019: Team India Use One Bounce Technique For Reverse Swinging The Ball In Match – रिवर्स स्विंग के लिए ‘वन बाउंस स्ट्रैटजी’ अपना कर गेंद पुरानी कर रही है टीम इंडिया


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क्रिकेट में जब से दो नईं गेंदों का नियम आया। गेंदबाजों के लिए शामत आ गई। खासकर स्विंग गेंदबाजों के लिए खासी मुसिबत हो गई। 50 ओवर के मैच में गेंद इतनी पुरानी हो ही नहीं पाती कि गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग मिल पाए। इसकी वजह से डेथ ओवर्स में गेंदबाजों के साथ कप्तानों को भी परेशानी हो रही है, लेकिन टीम इंडिया ने इस समस्या का तोड़ निकाल लिया है। जिसका नाम है, ‘वन बाउंस स्ट्रैटजी’।

टीम ने तय किया है कि मैच के दौरान जब भी कोई खिलाड़ी बाउंड्री के पास से गेंद विकेटकीपर या पिच के करीब खड़े किसी भी खिलाड़ी को थ्रो करेगा, तो वह एक टप्पे यानी वन बाउंस में थ्रो करेगा। इससे गेंद की चमक जल्दी उतारने में मदद मिलेगी और गेंद जल्दी पुरानी होगी। इस रणनीति से रिवर्स स्विंग मिलने की संभावना बढ़ेगी। 

 

वन बाउंस थ्रो गेमप्लान का जिक्र टीम इंडिया के ओपनर केएल राहुल ने भी किया। राहुल ने कहा कि ‘सीधी सी बात है कि जितने ओवर फेंके जाते हैं, गेंद उतनी पुरानी होती है और रिवर्स स्विंग मिलने की संभावना बढ़ती है। लेकिन 2 नई गेंद का नियम आने के बाद से गेंद इतनी पुरानी ही नहीं हो पा रही कि रिवर्स स्विंग मिल सके। ऐसे में टीम ने सोचा कि जब आप फील्डिंग करते हो और गेंद को एक टप्पे में विकेट के पास वापस फेंकते हो, तो इससे भी गेंद पुरानी होती है। इसके अलावा गेंद पुरानी करने के लिए हम कुछ नहीं कर सकते।’ 

वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी कहा था कि इंग्लैंड की पिचें रिवर्स स्विंग देने के लिए जानी जाती हैं, लेकिन वनडे में 2 नई गेंदों का नियम आने की वजह से इस बार रिवर्स स्विंग कम होगा। 

गेंद पुरानी होने का फायदा और भी होता है, इससे स्पिनर्स को गेंद पर ग्रिप बनाने में मदद मिलती है। भारतीय टीम अब तक वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ मैच को छोड़ हर मैच में 2 स्पिनर के साथ उतरी है। इसलिए टीम की ये भी कोशिश होती है कि गेंद की चमक जल्दी उतरे और स्पिनर अच्छी ग्रिप बना कर विकेट निकाल सके। 

क्रिकेट में जब से दो नईं गेंदों का नियम आया। गेंदबाजों के लिए शामत आ गई। खासकर स्विंग गेंदबाजों के लिए खासी मुसिबत हो गई। 50 ओवर के मैच में गेंद इतनी पुरानी हो ही नहीं पाती कि गेंदबाजों को रिवर्स स्विंग मिल पाए। इसकी वजह से डेथ ओवर्स में गेंदबाजों के साथ कप्तानों को भी परेशानी हो रही है, लेकिन टीम इंडिया ने इस समस्या का तोड़ निकाल लिया है। जिसका नाम है, ‘वन बाउंस स्ट्रैटजी’।

टीम ने तय किया है कि मैच के दौरान जब भी कोई खिलाड़ी बाउंड्री के पास से गेंद विकेटकीपर या पिच के करीब खड़े किसी भी खिलाड़ी को थ्रो करेगा, तो वह एक टप्पे यानी वन बाउंस में थ्रो करेगा। इससे गेंद की चमक जल्दी उतारने में मदद मिलेगी और गेंद जल्दी पुरानी होगी। इस रणनीति से रिवर्स स्विंग मिलने की संभावना बढ़ेगी। 

 


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गेंद की चमक उतरने से स्पिनर को मिलती है मदद





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About the Author: Vivek Jaiswal