कनैड देवता मेला पर डॉक्यूमेंट्री बनाई जा रही

Edited By: विजय शर्मा
अपडेटेड: a week ago IST
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पारम्परिक देवता मेला कनैड कई वर्षों से सुकेत रियासत की सीमा पर स्थित गांव कनैड में आयोजित किया जाता है। यह मेला गांव में जातर के रूप में आयोजित किया जाता था जिसमें देव बाला टिका जी हलेल के साथ स्थानीय गांव के देवी देवता शामिल होते  हैं। परंतु गत 10 वर्षों से इस मेले का स्तर लगातार बढता जा रहा  है। कनैड देवता मेला कमेटी, देव बाला टिका मन्दिर कमेटी हलेल, ग्राम पंचायत कनैड और गांव वासियों के प्रयासों से  इस जातर ने मेले का स्थान ले लिया है।इस प्रयासों द्वारा मेले में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां करवाई जाती है। विभिन्न गाँव की जातरो में जो आजकल सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जा रहे हैं उसका श्रेय भी कनैड देवता मेला को जाता है। कनैड देवता मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाने के निर्णाय ने इस मेले के साथ साथ अन्य गांव की मेला समितियों को प्रेरित किया है। आजकल मेले में दो सांस्कृतिक संध्या की जाती हैं। वह मेले का शुभारंभ सुकेत रियासत के राज परिवार द्वारा करने से इस मेले के महत्त्व को और बढ़ा देता है।
 
इस वर्ष मेले के महत्व को लोगों के सामने रखने के लिए कनैड देवता मेला पर डाकूमेन्ट्री बनाई जा रही है। यह डाकूमेन्ट्री कणाद ऋषिलोक शिक्षा एवं समाज उत्थान समिति, सुन्दरनगर द्वारा तैयार की जाएगी तथा लोगों के समक्ष विभिन्न चैनलों पर प्रसारित की जाएगी। कनैड देवता मेला की डाकूमेन्ट्री बनने पर सभी गांव वासियों में उत्साह है। जानकारी देते हुए कनैड देवता मेला कमेटी के अध्यक्ष इन्द्र देव ने बताया है कि इस वर्ष भी मेले के दौरान नई गतिविधियों और कार्यक्रमों को  जोड़ा जाएगा। मेले के महत्व को देखते हुए और इसमें आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए  इस मेले को हिमाचल प्रदेश सरकार को  जिला स्तर का घोषित करना चाहिए। डाकूमेन्ट्री के बनने से इस मेले की ख्याति और बढ़ेगी। 

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