यहां पर किया जाएगा प्लास्टिक की बेकार पड़ी बोतलों से भव्य मूर्ती का निर्माण

Edited By: रिशु प्रभाकर,बिलासपुर
अपडेटेड: 2 months ago IST
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प्लास्टिक का कचरा ज़हर से कम नही है और प्लास्टिक के कचरे की समस्या से आज कोई गांव, शहर अछुते नही है।  वर्तमान में जगह-जगह प्लास्टिक की बोतल और कैन बिखरे पड़े रहते है इसलिए आने वाले समय में बढ़ते हुए इस खतरे को किसी भी कीमत पर दर-किनार नही किया जा सकता।  प्लास्टिक का कचरा इन्सान व जानवर दोनों के लिए गंभीर चुनौती तो है ही परन्तु पर्यावरण के लिए भी किसी अभिशाप से कम नही।  इसलिए इसी गंभीर समस्या को लेकर ज़िलाधीश बिलासपुर विवेक भाटिया ने समाज़ में बढ़ रही इस ज्वलंत समस्या से निपटने के लिए एक नई पहल शुरू करने की सोची है जिसके तहत ज़िला बिलासपुर में फैले प्लास्टिक कचरे का सदुपयोग करते हुए एक विशालकाय पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती हुई प्रेरणाप्रद मूर्ती का निर्माण करवाने का निर्णय लिया है।  जिसके लिए हिमाचल के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त प्रख्यात मूर्तीकार, चित्रकार विजय राज उपाध्याय को इस कार्य को करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जिन्होंने प्रदेश ही नही अपितु प्रदेश से बाहर भी लोगों में अपनी कला के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है जो कि बिलासपुर ज़िला से ही सम्बन्धित है।  इस अभियान के तहत समस्त बिलासपुर वासियों को जोड़ने के लिए ज़िलाधीश विवेक भाटिया ने लोगो से आग्रह किया है कि वे पर्यावरण के प्रति अपनी सजगता व कत्तव्र्यनिष्ठा दर्शाते हुए अपने आस-पास फैले प्लास्टिक बोतल और कैन को इक्टठा करना शुरू करें जिसे बाद में प्रशासन द्वारा चिन्हित् कलेक्शन सैंटर में मूर्ती निर्माण के लिए एकत्रित किया जाएगा। 

उन्होंने ज़िला के नागरिकों, होटल, ढ़ाबा मालिकों, शैक्षिणक संस्थानों व स्वय सेवी संस्थाओं से आहवान किया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए और शहर की सुदंरता को बनाए रखने के लिए इस पुनीत कार्य में अपना बढ़-चढ़ कर सहयोग दे।  

उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के कचरे को इधर-उधर फैंकने से बरसात के मौसम में कचरा बहकर गोविन्द सागर झील में जा रहा जिस बजह से झील के पानी में जहर फैल रहा है व पर्यावरण दूषित हो रहा है साथ ही मच्छलियां भी मर रही है।  गौरतलब है कि बिलासपुर ज़िला के हज़ारों परिवार मच्छली व्यवस्याएं से जुड़े हुए है जिससे उनके रोज़गार पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।  

इसलिए प्रशासन ने निर्णय लिया है कि लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए व शहर का सौंदर्यकरण करने के लिए प्लास्टिक की बोतलों के कचरे का सदुपयोग किया जाए और अधिक-अधिक से लोगों को इस अभियान के तहत जोड़ा जाए

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