बाप ने छपवाया बेटी की शादी का अनोखा कार्ड, समाज के सामने पेश की मिशाल

Edited By: हिमाचल एक्सप्रेस डेस्क
अपडेटेड: 4 weeks ago IST
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दहेज प्रथा के चलते बहुत से लोग बेटी पैदा करने से भी डरते हैं और बेटी को ही कलंक मानने लगते हैं क्योंकि उनकी शादी के दौरान बड़ी मात्रा में दहेज भी देना पड़ता है। आज हम आपको एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने दहेज के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाते हुए एक मिसाल कायम की है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले गुर्जर समाज के एक व्यक्ति ने बेटी की शादी के दौरान दहेज न देने की एक नई मिसाल कायम की है और साथ ही शादी का सारा खर्च शादी के कार्ड पर लिखवाया है। यह गुर्जर समाज के पहले ऐसे व्यक्ति हैं अपनी बेटी के दौरान शादी में दहेज ना देने की नई प्रथा की शुरुआत की है। वह अपने समाज के साथ-साथ पूरे भारत को एक नया संदेश दे रहे हैं कि अपने बेटी को बोझ न समझें और अपनी बेटी की शादी में दहेज न दें। इस बाप ने अपनी बेटी का शादी का कार्ड कुछ इस अनोखे ढंग से छपवाया कि हर कोई तारीफ किए बिना नहीं रह पाया। उन्होंने कार्ड पर शादी में हुए पूरे खर्च का बकायदा उल्लेख किया। 

जिसने लिखित खर्च कुछ इस प्रकार थे-
विवाह करवाने वाले पंडित जी को 1100 रुपए दक्षिणा रूप, इसके अलावा थाली में 5100 रुपए, शगुन के 1100 रुपए, दरवाजा रुकाई के 1100 रुपए, भात के 5100 रुपए, अंक माला के 10 रुपए, टीका के 50 रुपए, पान के 1100 रुपए और 5 बर्तन, कूलर, आलमीरा तथा पलंग दिए जा रहे हैं, साथ ही यह भी लिखा कि बारात में केवल सौ बारातियों का ही स्वागत किया जाएगा।

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